GadiChuno logo Asli khabar,asli keemat.
Home › न्यूज़ › प्राइस अपडेट
प्राइस अपडेट23 अक्टूबर 2026

Mercedes ने खुद माना — अब हर तिमाही बढ़ेगी कीमत: 2026 में 3 बार हाइक के बाद जनवरी 2027 में फिर बढ़ोतरी तय

Mercedes-Benz S-Class — हर तिमाही कीमत बढ़ोतरी अब नया नॉर्मल

लग्ज़री कार खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर जेब पर सीधा असर डालेगी। Mercedes-Benz India के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO Santosh Iyer ने businessline को दिए इंटरव्यू में साफ कहा है कि हर तिमाही कीमत बढ़ाना अब 'नया नॉर्मल' बन गया है। वजह है यूरो के मुकाबले रुपये का लगातार कमजोर होना और बढ़ती इनपुट लागत। कंपनी हर तिमाही 1-2% दाम बढ़ा रही है — 2026 में अब तक तीन बार बढ़ोतरी हो चुकी है, ताज़ा बढ़ोतरी इसी महीने लागू हुई है — और जनवरी 2027 में अगली बढ़ोतरी तय है।

Iyer का कहना है कि मौजूदा एक्सचेंज रेट तक पूरी तरह पहुंचने में अभी 'एक साल या डेढ़ साल' और लग सकता है, क्योंकि लागत का पूरा बोझ एक बार में ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता — बढ़ोतरी धीरे-धीरे होगी। कंपनी के मुताबिक बढ़ी हुई लागत का बड़ा हिस्सा वह खुद झेल रही है, ग्राहकों पर सिर्फ एक छोटा हिस्सा डाला जा रहा है। लेकिन सच यह भी है कि यूरो-रुपये का रेट लंबे समय से ₹100 के ऊपर बना हुआ है, जिससे इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स, स्पेयर पार्ट्स और CBU गाड़ियों की लागत लगातार बढ़ रही है — और इसका दबाव हर तिमाही कीमतों में दिख रहा है।

Mercedes की कीमत-वृद्धि — हाल का ट्रैक रिकॉर्ड
समयबढ़ोतरी
2025 (जनवरी + जून)दो बार, कुल ~3.5-4%
2026 (अब तक)तीन बार, हर बार 1-2% (ताज़ा बढ़ोतरी इसी महीने)
जनवरी 2027अगली बढ़ोतरी — घोषित
आगे का अनुमानहर तिमाही 1-2% — 1 से 1.5 साल तक जारी रह सकता है

दिलचस्प बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी रिकॉर्ड प्रदर्शन कर रही है। Mercedes-Benz India ने 2026 की पहली छमाही में 9,768 गाड़ियां बेचीं — अब तक की सबसे बड़ी H1 बिक्री — और उसके पास करीब 2,000 गाड़ियों का पेंडिंग ऑर्डर बुक है, जो H1 बिक्री का पांचवां हिस्सा है। साल-दर-साल ग्रोथ 8% पर है और कंपनी को भरोसा है कि फेस्टिव सीज़न समेत साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होगा। यानी मांग मज़बूत है, इसलिए कंपनी लागत का बोझ आगे बढ़ाने में हिचक नहीं रही।

रुपयों में इसका मतलब समझें: 1-2% सुनने में छोटा लगता है, पर लग्ज़री कीमतों पर यह रकम बड़ी होती है। ₹50 लाख की कार पर 1-2% यानी ₹50,000 से ₹1 लाख; ₹80 लाख की SUV पर ₹80,000 से ₹1.6 लाख; और S-Class जैसी ~₹1.9 करोड़ की फ्लैगशिप पर ₹1.9 लाख से ₹3.8 लाख तक। हाल ही में कंपनी ने नई Maybach S580e प्लग-इन हाइब्रिड भी लॉन्च की है — सिर्फ 30 यूनिट, कीमत ₹3.35 करोड़ — जो दिखाता है कि टॉप-एंड पोर्टफोलियो (S-Class, Maybach, AMG, EQS) कंपनी की ग्रोथ का इंजन है, जबकि एंट्री-लग्ज़री सेगमेंट में 18% की गिरावट आई है।

1-2% बढ़ोतरी का मतलब रुपयों में (उदाहरण)
कार की कीमत (लगभग)बढ़ोतरी की रकम
₹50 लाख₹50,000 – ₹1,00,000
₹80 लाख₹80,000 – ₹1,60,000
₹1.5 करोड़₹1,50,000 – ₹3,00,000
₹1.9 करोड़ (S-Class स्तर)₹1,90,000 – ₹3,80,000

खरीदारों के लिए सलाह सीधी है: अगर बुकिंग पहले से की हुई है, तो डीलर से ज़रूर पूछें कि इनवॉइस किस तारीख का होगा — आमतौर पर कट-ऑफ तारीख से पहले इनवॉइस हुई गाड़ियों पर पुरानी कीमत लागू रहती है, पर यह डीलरशिप की नीति पर निर्भर करता है। नई खरीद की योजना है तो जनवरी 2027 की बढ़ोतरी से पहले कागज़ी कार्रवाई पूरी करना फायदेमंद रहेगा। और याद रखें — यह सिर्फ Mercedes की कहानी नहीं है; लग्ज़री सेगमेंट में तिमाही बढ़ोतरी अब इंडस्ट्री का चलन बनता जा रहा है, तो BMW, Audi जैसी ब्रांडों पर भी नज़र रखें।

लंबी अवधि में इसका एक और पहलू है: ऊंची लिस्ट प्राइस धीरे-धीरे यूज़्ड-लग्ज़री बाज़ार की डेप्रिसिएशन गणना भी बदलती है — नई गाड़ी महंगी होगी तो 2-3 साल पुरानी गाड़ी की रीसेल वैल्यू को भी सहारा मिलेगा। लेकिन तुरंत असर सिर्फ नए खरीदारों पर है। संक्षेप में: लग्ज़री खरीदारी में अब 'जितनी जल्दी, उतना सस्ता' का नियम पहले से ज़्यादा सच हो गया है।

खरीदार क्या करें
स्थितिसलाह
बुकिंग पहले से की हुई हैडीलर से इनवॉइस की तारीख कन्फर्म करें — कट-ऑफ से पहले इनवॉइस पर पुरानी कीमत
नई खरीद की योजना हैजनवरी 2027 की बढ़ोतरी से पहले डील फाइनल करें
यूज़्ड लग्ज़री देख रहे हैंतुरंत असर कम — पर नई कीमतें रीसेल को धीरे-धीरे सहारा देंगी
दूसरी लग्ज़री ब्रांड देख रहे हैंBMW, Audi भी इसी रास्ते पर — उनकी घोषणाओं पर नज़र रखें

किसे खरीदनी चाहिए — और कब? अगर Mercedes की खरीद पाइपलाइन में है, तो दिसंबर 2026 तक डिलीवरी/इनवॉइस का लक्ष्य रखें। जनवरी के बाद हर तिमाही में 1-2% का अतिरिक्त बोझ तय है, और कंपनी खुद कह रही है कि यह सिलसिला डेढ़ साल चल सकता है। इंतज़ार करने का मतलब है हर तिमाही थोड़ा और महंगा — इस बार 'रुककर सही समय' का इंतज़ार करना जेब पर भारी पड़ेगा।

Mercedes-Benz खरीदने का सोच रहे हैं?
Mercedes-Benz की सभी गाड़ियों की कीमत देखें →