Ferrari की पहली इलेक्ट्रिक कार भारत में: Luce — 1,050 PS, 2.5 सेकंड में 0-100!

Ferrari ने भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार दिखा दी है — Luce। 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि (द्वारका) में चल रही Universo Ferrari प्रदर्शनी में Luce का भारत डेब्यू हुआ, साथ में F80 और 12Cilindri Manuale भी हैं। आम जनता 19 अक्टूबर से 1 नवंबर तक इसे देख सकती है। एक बात साफ रखें: यह सिर्फ शोकेस है — भारत में Luce की कीमत और लॉन्च तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय अनुमान ₹8.5-11 करोड़ (एक्स-शोरूम) के बीच हैं; यूरोप में कीमत €5,50,000 (करीब ₹6.1 करोड़) है।
'Luce' इटैलियन में 'रोशनी' मतलब 'light' होता है — Ferrari के मुताबिक यह नाम इस बात का प्रतीक है कि इलेक्ट्रिफिकेशन साधन है, मंज़िल नहीं। और यह कोई छोटी-मोटी EV नहीं: चारों पहियों पर एक-एक रेडियल-फ्लो परमानेंट-मैग्नेट मोटर — कुल 772 kW यानी 1,050 PS पावर, टॉर्क 990 Nm (पहियों पर 11,500 Nm)। पिछला एक्सल 620 kW (831 hp) देता है — यानी ताकत साफ तौर पर पीछे की ओर झुकी है, और टॉर्क वेक्टरिंग हर पहिए को अलग-अलग पावर बाँटती है।
बैटरी 122 kWh (NMC, SK On सेल्स, मारानेलो में खुद बनाई), 800V आर्किटेक्चर। दावा की गई WLTP रेंज 530 km है। चार्जिंग 350 kW DC तक — 10-80% करीब 20 मिनट में (आदर्श हालात में)। परफॉर्मेंस: 0-100 km/h सिर्फ 2.5 सेकंड, 0-200 km/h 6.8 सेकंड, टॉप स्पीड 310 km/h। यह अब तक की सबसे तेज़ एक्सेलरेट करने वाली Ferrari है। वज़न 2,260 kg है — भारी, लेकिन पावर-टू-वेट इतनी ज़्यादा है कि फर्क नहीं पड़ता।
डिज़ाइन भी इतिहास जैसा है: इसे LoveFrom (Jony Ive और Marc Newson) ने Ferrari के Centro Stile के साथ 5 साल में डिज़ाइन किया है। दो-हिस्सों वाली बॉडी — रंगीन एल्युमिनियम शेल के अंदर ग्लॉस-ब्लैक पैसेंजर केबिन; पीछे के दरवाज़े रियर-हिंज्ड ('सुसाइड डोर्स'); ड्रैग कोएफिशिएंट 0.254 — किसी भी Ferrari रोड कार में सबसे कम। यह Ferrari की पहली 5-सीटर और Purosangue के बाद दूसरी 4-डोर कार है — यानी यह परिवार वाली Ferrari है, ट्रैक टॉय नहीं।
अंदर रेट्रो-मॉडर्न केबिन है: असली फिज़िकल बटन, एल्युमिनियम डायल, 10-इंच की मूवेबल टचस्क्रीन और 12.5-इंच OLED इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर। स्टीयरिंग व्हील 100% रीसाइकिल्ड एल्युमिनियम से CNC-मशीन किया गया है; चाबी में Gorilla Glass और E Ink डिस्प्ले है। Level-2 ADAS और 360-डिग्री कैमरा भी है।
| बात | आँकड़ा |
|---|---|
| पावर | 1,050 PS (772 kW) |
| टॉर्क | 990 Nm (पहियों पर 11,500 Nm) |
| मोटर | 4 (हर पहिए पर एक) |
| बैटरी | 122 kWh, 800V |
| रेंज (WLTP) | 530 km |
| DC फास्ट चार्जिंग | 350 kW (10-80% ~20 मिनट) |
| 0-100 km/h | 2.5 सेकंड |
| टॉप स्पीड | 310 km/h |
| वज़न | 2,260 kg |
साइज़ में यह अब तक की सबसे बड़ी Ferrari है: लंबाई 5,026 mm, चौड़ाई 1,999 mm, ऊँचाई 1,544 mm, व्हीलबेस 2,961 mm। बूट 597 लीटर — सुपरकार के हिसाब से बड़ा। टायर भी रिकॉर्ड: आगे 23-इंच, पीछे 24-इंच — किसी प्रोडक्शन Ferrari में सबसे बड़े पहिए।
| गाड़ी | पावर | 0-100 km/h | रेंज |
|---|---|---|---|
| Ferrari Luce | 1,050 PS | 2.5 सेकंड | 530 km (WLTP) |
| Porsche Taycan Turbo | 625 PS+ | ~3.2 सेकंड | ~678 km |
| Rimac Nevera | 1,914 PS | 1.9 सेकंड | ~490 km |
| Tesla Roadster (दावा) | ~1,340 hp | <0.9 सेकंड (Thrust) | ~500 km |
ग्लोबल टाइमलाइन: यूरोप में ग्राहक डिलीवरी Q4 2026 से; चीन में जून 2026 से बिक्री पर — 88 यूनिट, सब बिक चुकी हैं। भारत में कब आएगी और कितने की होगी, यह अभी खुला सवाल है (एक अनुमान: मार्च 2027)।
खरीदार के लिए सीधी बात: Luce खरीदने वाले 'कार' नहीं, 'इतिहास' खरीदते हैं — Ferrari की पहली EV, Jony Ive का डिज़ाइन, और सीमित उपलब्धता। ₹8.5-11 करोड़ के अनुमानित बजट में यह कलेक्टर-ग्रेड खरीद है। आम खरीदारों के लिए खुशखबरी यह है कि इस तकनीक (800V, टॉर्क वेक्टरिंग, फास्ट चार्जिंग) का असर आने वाले सालों में सस्ती EVs पर भी दिखेगा।
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CarDekho/CarWale/ZigWheels की टॉप कार स्टोरी, 17 अक्टूबर 2026 — GadiChuno स्टाइल में पुनर्लिखित
