आधे साल में 1.92 लाख इलेक्ट्रिक कारें बिकीं — 89% का उछाल; Tata 40% के साथ नंबर 1, ₹9 लाख की कटौती के बाद Tesla लग्जरी में नंबर 3

भारत की इलेक्ट्रिक कार क्रांति अब आंकड़ों में दिख रही है। Autocar Professional के Vahan रिटेल डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर 2026) में 1,92,012 इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियाँ (कार, SUV, MPV) बिकीं — पिछले साल की इसी अवधि के 1,01,398 यूनिट से 89% ज़्यादा, यानी 90,614 यूनिट का इज़ाफा। सितंबर में 36,904 यूनिट के साथ एक महीने का रिकॉर्ड भी बना, और लगातार चार महीने 32,000+ की बिक्री दर्ज हुई। इस रफ्तार पर पूरे वित्त वर्ष में 4 लाख यूनिट का आंकड़ा भी छू सकता है — FY2026 के 1,95,804 यूनिट से लगभग दोगुना।
| अवधि | बिक्री (यूनिट) | साल-दर-साल बढ़त |
|---|---|---|
| Q1 FY2027 (अप्रैल–जून) | 88,003 | 97% |
| Q2 FY2027 (जुलाई–सितंबर) | 1,04,009 | 84% |
| सितंबर 2026 (महीना) | 36,904 | रिकॉर्ड |
| H1 FY2027 (कुल) | 1,92,012 | 89% |
नंबर 1 की कुर्सी Tata Motors के पास है — 76,745 इलेक्ट्रिक कारें और SUV, 103% की बढ़त (पिछले साल 37,862)। यह आंकड़ा उसके पूरे FY2026 (85,573 यूनिट) का 90% पहले छह महीनों में ही पूरा हो गया। Tiago EV, Nexon EV, Punch EV, Harrier EV, Curvv EV, Tigor EV/Xpres-T और हाल में लॉन्च हुई Sierra EV — सात मॉडलों की रेंज के दम पर Tata की बाज़ार हिस्सेदारी 37% से बढ़कर 40% हो गई।
सबसे दिलचस्प बदलाव नंबर 2 पर हुआ: Mahindra & Mahindra ने JSW MG Motor को पीछे छोड़ दिया। Mahindra ने 44,051 e-SUV बेचीं — 103% की बढ़त, 23% हिस्सेदारी (पिछले साल 21%)। उसके इलेक्ट्रिक ओरिजिन SUV (BE.6, XEV 9e, XEV 9S और XUV 3XO EV) की मांग इतनी तेज़ है कि वह अपने पूरे FY2026 (47,758 यूनिट) से सिर्फ 3,707 यूनिट दूर है — आगे अभी आधा साल बाकी है। JSW MG Motor 33,456 यूनिट (+12%) के साथ तीसरे पर खिसका; उसकी हिस्सेदारी 29% से गिरकर 17% रह गई। Windsor EV अब भी MG का सबसे बिकने वाला मॉडल है, और हाल में लॉन्च हुई Hector Tomahawk EV से मासिक बिक्री को सहारा मिलने की उम्मीद है।
| कंपनी | बिक्री (यूनिट) | हिस्सेदारी | YoY बढ़त |
|---|---|---|---|
| Tata Motors | 76,745 | 40% | 103% |
| Mahindra & Mahindra | 44,051 | 23% | 103% |
| JSW MG Motor | 33,456 | 17% | 12% |
| VinFast | 10,861 | 6% | — (नई) |
| Maruti Suzuki | 9,319 | 5% | — (नई) |
| BYD | 4,506 | 2% | 25% |
| Kia | 4,186 | 2% | 223% |
| Hyundai | 3,679 | 2% | -7% |
चौथे नंबर पर वियतनाम की VinFast है — सितंबर 2025 में एंट्री के 13 महीने में 10,861 यूनिट और 6% हिस्सेदारी (VF6, VF7 और VF MPV 7)। पाँचवें पर Maruti Suzuki: e Vitara की 9,319 डिलीवरी (जुलाई में सबसे ज़्यादा 1,668)। अब तक e Vitara का बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट को जाता था, इसलिए घरेलू बिक्री सीमित थी — गुजरात के Hansalpur प्लांट में नई प्रोडक्शन लाइन शुरू होने से यह बदलने वाला है। Kia 223% की बढ़त के साथ 4,186 यूनिट पर है (Syros EV का असर), जबकि Hyundai 3,679 यूनिट (-7%) के साथ गिरने वाली दो मास-मार्केट कंपनियों में एक है — दूसरी Stellantis (239 Citroen e-C3, -50%)।
लग्जरी सेगमेंट में कहानी और भी नाटकीय है। नौ कंपनियों ने H1 में 4,423 लग्जरी EV बेचीं (+63%)। BMW 2,452 यूनिट (+47%) के साथ नंबर 1 है, लेकिन उसकी हिस्सेदारी 61% से घटकर 55% रह गई — वजह है Tesla। Model Y की कीमत में ₹9 लाख की भारी कटौती के बाद Tesla ने 646 यूनिट बेचीं — 836% की बढ़त, हिस्सेदारी 2% से 15% — और लग्जरी EV में नंबर 3 की कुर्सी हासिल कर ली। सितंबर में तो Tesla (296 Model Y) ने पहली बार Mercedes (128 e-PV) को पछाड़कर महीने का दूसरा स्थान भी छीन लिया। Mercedes 1,019 यूनिट (+42%) के साथ H1 में दूसरे पर रही; Volvo 205 यूनिट (-3%) के साथ चौथे पर खिसकी; Porsche 251 (+29%), Audi और JLR 2-2, Rolls-Royce और Lotus 1-1 यूनिट पर रहे।
इन आंकड़ों का सीधा मतलब: पेट्रोल-डीज़ल-CNG के ऊँचे दाम, त्योहारी मांग और हर बजट में EV विकल्पों की बाढ़ — तीनों ने मिलकर भारत को 4 लाख सालाना EV के रास्ते पर धकेल दिया है। Tata और Mahindra की 103% बढ़त बताती है कि देसी कंपनियाँ मांग के साथ प्रोडक्शन भी बढ़ा रही हैं (Tata ने EV क्षमता 16,000 यूनिट/माह से ऊपर कर दी है)। दूसरी ओर MG, Hyundai और Volvo का शेयर घटना चेतावनी है: EV में अब 'पहले आने' का फायदा खत्म, 'तेज़ी से नया लाने' का दौर है। खरीदारों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपटीशन बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना रहेगा — Tesla की ₹9 लाख की कटौती इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
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